ऑपरेशन केजरीवाल - केजरीवाल का खौफ
दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल की सरकार बनने की अभी खबरे ही आई थी और हर तरफ उथल पुथल मच गई. आज तक के द्वारा एक स्टिंग ऑपरेशन किया गया - ऑपरेशन केजरीवाल. खुफिया कैमरे ने कइयो की पोल खोल दी. कही पुरानी फाइलो से दस्तावेज फाड़े जा रहे थे, तो कई केजरीवाल के आने से पहले अपना ट्रान्सफर करने की कोशिशे. यहाँ तक की एक अफसर ने पूर्व मुख्यमंत्री शिला दीक्षित की प्राइवेट ठेकेदारों से सांठ गाँठ की बात कैमरे पर कबुली.
OSD का कार्यालय
दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी नवानी के ऑफिस में खुफिया कैमरा पहुंचा। नवानी साहब सोफे पर बैठे थे और उनके कर्मचारी पुरानी फाइलो से दस्तावेज फाड़ रहे थे। आज तक के रिपोर्टर्स को वहा देख नवानी साहब सकपका गए लेकिन ख़ुफ़िया कैमरे के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। रिपोर्टर्स द्वारा दस्तावेजो को फाड़ने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने साफ साफ मना कर दिया। आज तक के मुताबिक इस तरह कई अन्य विभागों में भी पुराने दस्तावेज फाड़ दिए गए ताकि केजरीवाल सरकार बनने के बाद उनकी पोल न खुल जाए। केंद्र में और राज्यो सरकारे बदलती रहती है लेकिन किसी आने वाली सरकार का इतना खौफ पहले कभी नहीं देखा गया।
सचिवालय
मुख्यमंत्री कार्यालय के कई अफसर अपना ट्रान्सफर करवाना चाह रहे थे. कर्मचारियों ने कैमरे पर कहा की छोटे में नहीं लेकिन बड़े अफसरों में केजरीवाल का डर है, सब इधर उधर भाग रहे है, ट्रान्सफर करा रहे है. कई लोग ट्रान्सफर करा चुके थे और कई और कोशिश में है।
दिल्ली जल बोर्ड
दिल्ली जल बोर्ड के विजिलेंस अधिकारी डॉ A K अम्बष्ट ने खुद माना की दिल्ली जल बोर्ड में बहोत जादा भ्रष्टाचार है। पहले की हेड यानी पूर्व मुख्यमंत्री ने प्राइवेट ठेकेदारों से हाथ मिला रखा था. अब केजरीवाल आयेंगे वो तो ऐसा नहीं होगा। इससे बहोत फर्क आएगा।
सीईओ के PA ने कहा जल बोर्ड में एक एक आदमी के पास दो दो तिन तिन गाडिया है, हेड क्लार्क भी गाडी में घूम रहा है. जल बोर्ड की मीटिंग के लंच भी करोडो खर्च होते है. केजरीवाल तो खुद भी चाय पीकर ही काम चला लेगा तो फिर लंच बंद हो जायेंगे। अधिकारीयो ने माना की 700 लीटर मुफ़्त पानी से आने वाला अतिरिक्त बोझ जल बोर्ड में हो रही फिजूल खर्ची रोकने से ही कवर हो जायेगा. जल बोर्ड के कर्मचारियो ने कहा जिन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगे है वो बुरी तरह डरे हुए है. केजरीवाल यदि ये ही कह दे की मैं पुराने कॉन्ट्रैक्ट पढूंगा तो ही कइयो की पोल खुल जायेगी.
इस स्टिंग ऑपरेशन को आज तक पर दिखाया गया। कार्यक्रम में अरविन्द केजरीवाल को भ्रष्टाचार पर गाज गिराने वाला बादशाह, आम आदमी का बादशाह जैसे शब्दों से नवाजा गया। केजरीवाल आज भी वही है। और आज एक साल बाद भ्रष्टो में फिर वही खौफ है - कही ये दोबारा मुख्यमंत्री न बन जाए।
Operation Kejriwal - Aaj Tak
28 दिसंबर 2013 को केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली। उसके बाद केजरीवाल सरकार 49 दिन चली। इन 49 दिनों में केजरीवाल सरकार की दैनिक उपलब्धियों पर रोजाना एक लेख लिखने का प्रयास करूँगा। केजरीवाल सरकार की कार्यशैली और उनकी उपलब्धियों के बारे में जानने के लिए पढियेगा जरूर एक नई शृंखला - “वो 49 दिन” 28 दिसंबर से। इन लेखो को अपने इनबॉक्स में पाने के लिए ब्लॉग को सब्सक्राइब करे।